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अस्पताल में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर कलेक्टर ने सीएस को थमाया नोटिस

Rajasthan Patrika
14, Nov 2017, 06:00

शिवपुरी. जिला अस्पताल में हुई थोकबंद पंखों की चोरियों के मामले में कलेक्टर तरुण राठी ने सिविल सर्जन को नोटिस जारी कर दिया। वहीं सीएस का कहना है कि हमने पुलिस में लिखित शिकायत की थी, लेकिन अभी तक कोतवाली पुलिस ने एफआईआर ही दर्ज नहीं की। जबकि पूर्व में एसी की कॉपर लाइन चोरी होने की रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई। इधर पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से अस्पताल में चोरियों का क्रम बंद नहीं हो पा रहा और सोमवार को ऑपरेशन थियेटर का कुछ सामान फिर चोरी हो गया। जिला अस्पताल में शुरू हुए चोरियों के इस क्रम में सिविल सर्जन का कहना है कि इसके पीछे मेरे खिलाफ कोई षडय़ंत्र किया जा रहा है।गौरतलब है कि जिला अस्पताल में एक तरफ जहां मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, वहीं चोर पूरी तरह से सक्रिय हैं। पिछले महीनों में अस्पताल में लगे 16 एयर कंडीशनर के कॉपर पाइप चोरी कर लिए गए, जबकि एक पाइप की कीमत एक से डेढ़ हजार रुपए है। पुलिस ने एसी के पाइप चोरी के मामले में महज 6 हजार रुपए की चोरी होने की एफआईआर दर्ज कर ली। इसके बाद अस्पताल से लगभग 70 पंखे चोरी हो गए, जिसमें कोतवाली पुलिस ने महज आवेदन लेकर ही इतिश्री कर ली। चोरी के मामलों में पुलिस द्वारा बरती जा रही ढील के चलते चोर अभी भी सक्रिय हैं तथा ऑपरेशन थियेटर का अस्पताल में रखा पुराना सामान फिर चोरी कर लिया गया।सीएस के आदेश भी उड़ाए हवा मेंएक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. जेआर त्रिवेदिया ने यह आदेश जारी किया था कि अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी नहीं की जाएंगीं। क्योंकि परिसर में जगह कम है, ऐसे में जब एंबुलेंस खड़ी हो जाती हैं, तो मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। यह आदेश भी सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गए। हालात यह है कि न केवल एंबुलेंस अंदर खड़ी हो रही हैं, बल्कि उनकी रिपयेरिंग भी वहीं हो रही हैं। कुल मिलाकर सीएस के आदेशों का अस्पताल परिसर में नहीं किया जा रहा है। ज्वाइन करके नहीं लौटे मेडिकल विशेषज्ञजिला अस्पताल में न तो मेडीकल विशेषज्ञ आए और न ही आईसीयू का ताला खुल सका। पिछले माह एक मेडीकल विशेषज्ञ आए भी, लेकिन वे ज्वाइन करके चले गए और फिर लौटकर नहीं आए। इन हालातों के बीच जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को एक आदिवासी बच्चे के पेट में पानी भरने की वजह से उसकी हालत बिगडऩे लगी और जब उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया तो फिर उसे ग्वालियर रैफर कर दिया गया। यानि ऐसे मरीज भी ग्वालियर भेजे जा रहे हैं, जिनका पूर्व में जिला अस्पताल में इलाज होता था। चूंकि एसी के कॉपर पाइप बाहर से चोरी हुए, इसलिए उसमें एफआईआर दर्ज की। चूंकि पंखे तो अस्पताल के स्टोर में से गए हैं, इसलिए जांच की जा रही है कि आखिर यह स्टोर से बाहर कैसे चले गए। जांच के बाद जिम्मेदार तय होंगे।संजय मिश्रा, टीआई कोतवाली जिलाधीश ने हमें नोटिस दे दिया है, लेकिन पुलिस ने पंखा चोरी में एफआईआर दर्ज नहीं की। इस तरह की चोरियां होने से मुझे अपने खिलाफ षडय़ंत्र भी लग रहा है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं मेरे कार्यकाल में ही क्यों हो रही हैं।डॉ. जेआर त्रिवेदिया, सिविल सर्जन
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