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तो ऐसे हुई थी बसपा नेता राजेश यादव की हत्या ...

Rajasthan Patrika
14, Nov 2017, 09:30

इलाहाबाद चर्चित बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड की सच्चाई जानने के लिये एक बार फिर पूरी वारदात को क्रमवार तरीके से दोहराया गया। महीने भर बाद एक बार फिर हत्याकांड कहानी किसी फिल्म की तरह रिपीट करने की कोशिश की गई। राजेश हत्याकांड में डॉ मुकुल सिंह की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के साथ विधि विज्ञान प्रयोगशाला के एक्सपर्ट मौके का मुआयना कर हत्याकांड से जुडी हर कड़ी से कड़ी को जोड़ कर देख रहे है।और इस हत्याकांड की पहली को सुलझाने में लगे रहे।हत्याकांड में ताराचंद हॉस्टल के पास जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया था। उसका डेमों किया गया।घटना के समय गाड़ी पर डॉक्टर मुकुल सिंह और राजेश यादव सवार थे।उस गाड़ी को थाने से ताराचंद हॉस्टल कैंपस के पास लाया गया। साथ ही ड्राइवर सीट और उसके बगल की सीट पर दो लोगों को बैठा कर ड्राइव करने वाले के कंधे पर पिस्टल लगाकर फॉरेंसिक टीम ने पूछा की कितनी दुरी थी। और डेमो किया और घटना को किस तरह से अंजाम दिया गया उसको सुलझाने की कोशिश की। बता दें की दो अक्टूबर की रात बसपा नेता राजेश यादव डॉक्टर मुकुल के साथ ताराचंद हॉस्टल गए थे। उस दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के चुनाव होने वाले थे। जिसमें बताया गया कि राजेश यादव का किसी से विवाद हुआ। जिसके बाद उनकी हाथापाई हुई । और हास्टल से निकलते समय पीछे से आये हमलावरो ने पहले फार्चुनर गाडी पर ईट और पत्थर से मारा और फिर गोली चला दी। गोली राजेश के कंधे से होते हुए उनके साइन को पार करके निकल गई थी। जिसमें उनकी मौत हो गई। जिसमे राजेशकी पत्नी ने मुकुल को आरोपी बनाया है। इस मामले के आरोपी डॉक्टर मुकुल सिंह ने पुलिस को बयान दिया है।कि दो युवकों ने उन पर फायरिंग की थी।और राजेश यादव के घायल होने के बाद आगे की ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठ कर वह गाड़ी चलाते हुए हॉस्टल कैंपस से भागे थे। गाडी को चलाकर उस पर कितनी तेज़ ईट चले होंगे ।साथ ही गोली अंदर बैठे शख्स ने मारी की बाहर से मारी गई।कितनी गोलिया चली।साथ ही कैसे डॉ मुकुल बच गये इन सब सवालों का जबाब तलाश रही पुलिस के साथ फोरेंसिक एक्सपर्ट घंटो होमवर्क किया। बसपा नेता राजेश यादव डॉक्टर मुकुल सिंह के साथ कार से इलाहाबाद के ताराचंद हास्टल रात में करीब ढाई बजे थे।इसी दौरान उनको गोली मार दी गई। जिसके बाद डॉ मुकुल सिंह राजेश को लेकर अपने ही नर्सिंग होम ले गये।वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।सूचना मिलते ही इलाहाबाद से लेकर भदोही तक हड़कंप मच गया था।रात में ही राजेश के दोस्त रिश्तेदार पहुंच गए ।पुलिस के मुताबिक बसपा नेता राजेश यादव की गाड़ी में कुछ खोखे मिले थे। जिसके बाद इविवि के छात्रनेता सहित कई लोगो को पुलिस ने उठाया और पूछताछ किया। बता दें की राजेश 2017 में भदोही की ज्ञानपुर विधानसभा से माफिया और विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।राजेश की मौत के बाद समर्थको ने जमकार बवाल किया था।जब राजेश की हत्या हुई उस रात उनकी गाडी में भारी कैश होने की भी बात कही जा रही थी। राजेश की पत्नी ने मुकुल को आरोपी बनाते हुए इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वही डॉक्टर मुकुल के बयान को पुलिस संदिग्ध मान रही है। क्यों की तमाम तरीके के सवाल खड़े हो रहे है। राजेश की पत्नी के अनुसार यह कैसे हो सकता है।कि बगल वाली सीट पर बैठे हुए व्यक्ति को कोई खरच ना आए।जब लगातार ड्राइवर सीट पर गोली चली हो।और पत्थर फेंके गए। हो ऐसे में डॉक्टर मुकुल सिंह को चोट ना आना एक बड़े सवालों के घेरे में लाता है। वही डॉक्टर मुकुल का बयान की गाड़ी की बगल वाली सीट पर वह गाड़ी चलाते हुए वहां से भागेऔर बालसन चौराहे तक आए। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के एक्सपर्ट वारदात की सारी सीन को दोबारा दोहराए और डेमो किया।और हत्या की तह जाने की कोशिश कि इस मामले में पुलिस ने दो को गिरफ्तार किया जिसमें जग्गा और आशुतोष सिंह जेल जा चुके हैं।

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