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16 साल की उम्र में चित्रकूट के जंगल में चले गए थे कृपालु महाराज, झेलना पड़ा था रेप का आरोप

Live India
15, Nov 2017, 02:31

कृपालु महाराज जगदगुरू कृपालु परिषद के संस्थापक संरक्षक रहे। उन्होंने हिंदू धर्म की शिक्षा और योग के लिए भारत में चार और अमेरिका में एक केंद्र की स्थापना की। देश ही नहीं विदेश में भी था बोलबाला अपनी ननिहाल मनगढ़ में जन्मे राम कृपालु त्रिपाठी ने गाँव के ही मिडिल स्कूल से 7वीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त की और उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिये महू मध्य प्रदेश चले गये। अपने ननिहाल में ही पत्नी पद्मा के साथ गृहस्थ जीवन की शुरुआत की और राधा कृष्ण की भक्ति में लीन हो गये।
userfilesdownload(1338).jpg भक्ति-योग पर आधारित उनके प्रवचन सुनने भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँचने लगे। फिर तो उनकी ख्याति देश के अलावा विदेश तक जा पहुँची। उनके परिवार में दो बेटे घनश्याम व बालकृष्ण त्रिपाठी हैं। इसके अलावा तीन बेटियाँ भी हैं - विशाखा, श्यामा व कृष्णा त्रिपाठी। उन्होंने अपने दोनों बेटों की शादी कर दी जो इस समय दिल्ली में रहकर उनके ट्रस्ट का सारा कामकाज खुद संभालते हैं। जबकि उनकी तीनों बेटियों ने अपने पिता की राधा कृष्ण भक्ति को देखते हुए विवाह करने से मना कर दिया और कृपालु महाराज की सेवा में जुट गयीं।
userfilesdownload%20(1)(726).jpg 15 नवंबर को हुआ निधन जगद्गुरु कृपालु महाराज का 15 नवंबर को फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने सात बजकर पांच मिनट पर अंतिम सांस ली। देर शाम उनका पार्थिव शरीर प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) स्थित उनके मूल निवास मनगढ़ धाम में ले जाया गया। 18 नवंबर को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। निधन की खबर सुनते ही 91 वर्षीय कृपालु महाराज के परिजनों और अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई थी।

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