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private medical colleges ने डाक्टर बनाने किया ऐसा फर्जीवाड़ा

Rajasthan Patrika
15, Nov 2017, 03:00

जबलपुर. प्राइवेट मेडिकल कालेजों में डाक्टर बनाने के लिए खुली लूट मची हुई है। इसके लिए जमकर फर्जीवाडा किया गया है जोकि सामने भी आ गया है। इस मामले में अब मेडिकल विश्वविद्यालय ने सख्ती भी दिखाई है। मेडिकल विश्वविद्यालय ने २०१६-१७ में राज्य के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में गलत तरीके से प्रवेश लेने वाले छात्रों और कॉलेजों के प्रति सख्ती दिखाते हुए ८० डेंटल छात्रों का नामांकन निरस्त कर दिया गया है। उधर, अधूरे दस्तावेजों की वजह से एनआरआई कोटे के २१७ छात्रों के परिणाम नहीं घोषित किए जाएंगे। की जा सकती है संबद्धता समाप्त इनमें १७९ एमबीबीएस, ३४ एमडी, एमएस और ४ बीडीएस के छात्र हैं। इसके साथ ही गलत तरीके से छात्रों को प्रवेश देने वाले निजी कॉलेजों को आगाह किया गया है कि वे छात्रों के समुचित दस्तावेज उपलब्ध कराएं अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इनकी संबद्धता समाप्त की जा सकती है। इसके लिए कॉलेजों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। बार-बार कहने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराए दस्तावेज मेडिकल विवि जबलपुर के कुलपति डॉ.आरएस शर्मा ने बताया कि पिछले दिन हुई विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की बैठक में इस संबंध में चर्चा की गई थी और उचित दस्तावेज बार-बार कहने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराए जाने पर निजी मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया था। कॉलेजों से कहा गया है कि वे एनआरआई छात्रों के समुचित दस्तावेज उपलब्ध कराएं और इसके लिए उन्हें २२ नवंबर तक जवाब मांगा गया है। शर्मा ने बताया कि कॉलेजों को दिए गए नोटिस की जानकारी एमसीआई और डीएमई को भी भेज दी गई है। इन्हें दिया नोटिसऋषिराज डेंटल कॉलेज, मानसरोवर डेंटल कॉलेज भोपाल, हितकारिणी डेंटल कॉलेज जबलपुर, महाराणा प्रताप कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस एंड रिसर्च सेंटर ग्वालियर, श्री अरबिन्दो कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस इंदौर, मॉडर्न डेंटल कॉलेज इंदौर, कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस, राऊ इंदौर को नोटिस भेजा गया है।

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