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फीकी रहेगी काले सोने में चमक

Rajasthan Patrika
15, Nov 2017, 04:30

दौसा. जिले इस बार रबी फसलों की पैदावार कम रहेगी। बरसात की कमी से सर्वाधिक असर सरसों एवं चने पर पड़ेगा। खासकर बड़ी फसलों में सबसे कम रकबा सरसों (काला सोना) का रहेगा। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार 2010 से 2014 का पांच वर्ष का औसतन एक वर्ष का बुवाई का रकबा 2 लाख हैक्टेयर से अधिक भूमि का तय रहा है। पिछले वर्ष भी 1 लाख 80 हजार हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। इधर कृषि विभाग ने कागजों मेें तो बुवाई का रकबा बढ़ाकर दर्शा रखा है, लेकिन हकीकत यह है कि भूमि बुवाई बहुत ही कम हो रही है। सरसों-चने में नरमी जिले में पिछले पांच वर्ष में सरसों की बुवाई का औसत 73 हजार हैक्टेयर है। जबकि पिछले वर्ष आंकड़ा 60 हजार पर ही आ टिका। कृषि विभाग ने इस सीजन के लिए लक्ष्य तो 60 हजार हैक्टैयर भूमि में बुवाई का रखा है, लेकिन हालत यह है कि इसमें अभी तक 33 हजार 621 हैक्टेयर ही बुवाई हो पाई है। यानि अभी तक मात्र 50 फीसदी सरसों की बुवाई हो पाई है। जबकि सरसों की बुवाई 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर होती है। ऐसे में अब बुवाई की गुंजाइश भी नहीं है। इसी प्रकार चने की बुवाई का 14 हजार हैक्टेयर का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अभी तक 11 हजार हैक्टेयर भूमि में ही बुवाई हो पाई है। हालाकि गेहूं की बुवाई का काम अभी शुरू हुआ ही है। गेहूं की बुवाई का उपयुक्त समय 1 नवम्बर से 15 नवम्बर बहुत अच्छा रहता है। हालाकि गेहूं की बुवाई 15 दिसम्बर तक चलती है। इसकी बुवाई के लिए तापमान में गिरावट आनी चाहिए। जौ भी लगभग इसी समय बोया जाता है। इस इलाके में खाली पड़े हैं खेत खरीफ की फसलोंं की कटाई के समय बारिश नहीं होने से जिले के दौसा तहसील के सूरजपुरा से आलूदा तक के इलाके में कई हजारों हैक्टेयर भूमि में सरसों की बम्पर पैदावार होती थी, लेकिन इस बार अधिकांश खेत खाली पड़े हंै। इधर लवाण तहसील में भी हिंगोटिया खेड़ला से लगाकर लवाण तक भूमि खाली पड़ी है। इसी प्रकार नांगलराजावतान तहसील इलाके के आलूदा, पापड़दा, खवारावजी, लाहड़ीकाबास समेत कई गांवों के इलाकों में भी बरसात की कमी की वजह से खेत खाली पड़े हैं। इन इलाकों में सरसों की बम्पर पैदावार होती थी। सरसों के रकबे पर असर जिले में कम बरसात होने से खरीफ फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस सीजन में भी सरसों व चने के रकबे की बुवाई सबसे कम हो पाई है। पिछले पांच वर्षों में इस बार सरसों की सबसे कम बुवाई होने का अनुमान है। पीडी शर्मा, जिला कृषि अधिकारी दौसा 2015 व 2016 में यह हुई बुवाई फसल 2015 2016गेहूं 99613 95000सरसों 59522 00चना 11181 22जौ 5627 7तारामीरा 703 1200अन्य 3250 3कुल 179896 197330 इस वर्ष का यह है लक्ष्यफसल 2017 लक्ष्य प्राप्तगेहूं 95000 8176सरसों 60000 33621 चना 10 11145 जौ 6000 4166तारामीरा 2000 300सब्जी, हरा चारा 5000 3150कुल 179896 60258

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