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PM मोदी का तोहफा, अब मोबाइल से बनवा लें पासपोर्ट, फीस केवल 1000 रुपए

Live India
15, Nov 2017, 06:31

दरअसल भारतीय विदेश मंत्रालय ने Passport बनवाने की प्रक्रिया और भी आसान करने के लिए नए नियम जारी किए हैं। इसके तहत अब एक साल से कम के रेंट एग्रीमेंट पर भी पासपोर्ट बनवा सकेंगे। लेकिन यह सब रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्टर्ड होना चाहिए, नोटरी से बनवाए गए रेंट एग्रीमेंट वैध नहीं होंगे। इसके लिए सब रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। जो लोग नौकरी करने दिल्ली शहर आते है उनके पास रेंट एग्रीमेंट ही एक मात्र ऐड्रेस प्रूफ होता है। नौकरीपेशा वर्ग में प्राइवेट जॉब करने वालों की संख्या अधिक है जिससे अब उन्हें राहत मिलेगी। अब तक पासपोर्ट के लिए जो नियम था उसके मुताबिक एक साल से पुराना रेंट एग्रीमेंट पासपोर्ट एप्लिकेशन के लिए वैध होता था। नए नियम में समय सीमा घटा दी गई है।
आइए पहले जानते है कितनी तरह के होते है पासपोर्ट 1. साधारण पासपोर्ट (नीले रंग का) 2. राजनयिक पासपोर्ट (मरुन रंग का) 3. ऑफिशियल पासपोर्ट (सफेद रंग का) पासपोर्ट फॉर्म कहां से लें और जमा कराएं: पासपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट से ऐप्लिकेशन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं या फिर पासपोर्ट ऑफिस, जिला पासपोर्ट केंद्र या स्पीड पोस्ट केंद्र पर जा सकते हैं। पासपोर्ट विभाग पासपोर्ट की डिलिवरी सिर्फ स्पीड-पोस्ट से ही करता है। किसी विशेष परिस्थिति में यदि आपको काउंटर पर पासपोर्ट देने का वादा किया जाता है तो आवेदक को खुद जाना होगा। विभाग ने स्पीड-पोस्ट केंद्रों को पासपोर्ट फॉर्म बेचने व स्वीकार करने के लिए अधिकृत किया हुआ है। इन केंद्रों की जानकारी आप विभाग की वेबसाइट से ले सकते हैं।
ऐप्लिकेशन फॉर्म: फॉर्म नं. 1. इस फॉर्म का इस्तेमाल नए पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने, पासपोर्ट को री-इश्यू कराने, गुम या फटे हुए पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट लेने, नाम या फोटो में तब्दीली या फिर पासपोर्ट के पेज खत्म होने पर किया जाता है। बच्चों के पासपोर्ट के लिए भी इसी फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। फॉर्म नं. 2 इस फॉर्म का इस्तेमाल पासपोर्ट रिन्यू कराने, , ESR (इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड) स्टांप हटवाने, पतिपत्नी का नाम शामिल कराने, एड्रेस में तब्दीली आदि कराने के लिए किया जाता है। क्या डॉक्युमेंट है जरूरी- 1. अड्रेस-प्रूफ ndash; राशनकार्ड, पानी या लैंडलाइन फोन या बिजली का बिल, बैंक पासबुक, तीन साल के इनकम-टैक्स रिटर्न की कॉपी, वोटर आई-कार्ड, पतिपत्नी के पासपोर्ट की कॉपी, बच्चों के मामले में पैरंटस के पासपोर्ट की कॉपी। एड्रेस-प्रूफ के तौर पर सिर्फ राशनकार्ड की कॉपी लगाना काफी नहीं है। इसके साथ ऊपर लिखे गए प्रमाणों में से कोई एक अतिरिक्त प्रमाण-पत्र लगाना होगा। 2. जन्मतिथि का प्रमाण, अंतिम स्कूल या किसी अन्य मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्थान से जन्मतिथि का प्रमाण-पत्र, अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे आवेदक मैजिस्ट्रेट या नोटेरी द्वारा अटैस्टेड ऐफिडेविट लगाएं। अगर आवेदक का जन्म को या उसके बाद हुआ है तो सिर्फ बर्थ सर्टिफिकेट ही मान्य होगा।

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