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बीजेपी ने मेयर प्रत्याशी पर खेला है बड़ा दांव, क्या सफल हो पायेगी पार्टी की रणनीति

Rajasthan Patrika
15, Nov 2017, 08:00

वाराणसी. यूपी नगर निगम चुनाव में सभी दलों ने अपनी सारी ताकत लगायी है। बीजेपी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बनारस मेयर का पद है। पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के चलते यहां की सीट प्रतिष्ठा की मानी जा रही है। बीजेपी ने मेयर सीट पर तीन बार सांसद रहे शंकर प्रसाद जायसवाल की बहु मृदृला जायसवाल को प्रत्याशी बनाया है अब देखना है कि बीजेपी का दांव कितना सफल होगा।यह भी पढ़े:-आप ने नहीं उतारा प्रत्याशी, मेयर पद के लिए इस बटन को दबायेंगे कार्यकर्तामेयर पद पर सपा प्रत्याशी साधना गुप्ता, कांग्रेस प्रत्याशी शालिनी यादव व बसपा ने सुधा चौधरी पर दांव लगाया है। बीजेपी को छोड़ दिया जाये तो अन्य दलों में मेयर प्रत्याशी को लेकर किसी तरह का विरोध नहीं था। बीजेपी में ही सबसे अधिक विरोध होने की संभावना थी, लेकिन पार्टी ने खास रणनीति के तहत प्रत्याशी उतारा है, जिसके बाद किसी तरह का विरोध नहीं हुआ। बीजेपी की रणनीति अभी तक सफल साबित हुई है अब देखना है कि चुनाव परिणाम में यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।यह भी पढ़े:-ट्रेन में सफर के दौरान एसएमएस से मिलेगा जीआरपी सिपाही का नम्बरयूपी चुनाव में हुए विरोध से सीखा सबकबीजेपी ने जब यूपी चुनाव में प्रत्याशी उतारा था तो पार्टी में सबसे अधिक विद्रोह हुआ था इसके बाद बागी लोगों को मनाने के लिए खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का आना पड़ा था। पीएम मोदी ने तीन दिन रोड शो करके आठों सीटों पर भगवा लहरा दिया था। बीजेपी ने पुराने अनुभव से सबक लेते हुए मेयर पद पर ऐसा प्रत्याशी उतारा है, जिससे पार्टी के अंदर किसी को विरोध करने का मौाक न मिले।यह भी पढ़े:-दरोगा के उड़ गये होश जब जज ने कोर्ट में पूछ लिया आरोपी का नामजानिए क्यों अभी तक सफल साबित हो रही पार्टी की रणनीतिबीजेपी ने आरएसएस के पुराने नेता के परिवार को मेयर पद का टिकट दिया है। इसके चलते पुराने नेता भी विरोध नहीं कर रहे हैं। शहर दक्षिणी के विधायक रहे श्यामदेव राय चौधरी जैसे नेता भी टिकट कटने से नाराज थे और बीजेपी के कार्यक्रमों में अधिक सक्रियता नहीं दिखा रहे थे। श्यामदेव राय चौधरी दादा जैसे जमीनी नेता ने भी नामांकन के समय अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर यह संदेश देने का प्रयास किया था कि पूर्व सांसद से उनकी निकटता रही है इसलिए मेयर पद के प्रत्याशी को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं है। विद्रोह नहीं होने से बीजेपी को बड़ी राहत मिली है अब देखना है कि बीजेपी प्रत्याशी का जनता कितना साथ देती है।यह भी पढ़े:-सीएम योगी से मिलने पहुंचे बसपा के बाहुबली क्षत्रिय नेता ने ओढ़ा भगवा गमछा, उड़े सबके होश

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