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सरोगेसी की आड़ में चल रहा बड़ा रैकेट

Rajasthan Patrika
07, Dec 2017, 07:00

छिंदवाड़ानागपुर. आर्थिक लालच में लोग नवजात बच्चों तक को बेच रहे हैं, ऐसे ही एक रैकेट का खुलासा हुआ है। गरीब महिला को 50 हजार रुपए का लालच देकर बच्ची बेचने वाले रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। धंतोली पुलिस ने एक दम्पती के विरुद्ध मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय ने दोनों को 2 दिन की पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं। इस घटना से पुलिस विभाग में भी हडक़ंप मचा हुआ है। पकड़े गए आरोपियों में सेनापतिनगर दिघोरी निवासी मनीष सूरजरतन मुंदड़ा और उसकी पत्नी हर्षा मनीष मुंदड़ा समेत भारती नामक महिला शामिल है। वैभननगर वाड़ी निवासी मोना अविनाश बारसागड़े की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। मोना का पति प्रायवेट नौकरी करता है। उन्हें एक बेटा भी है। मोना दोबारा गर्भवती हुई और लॉ कॉलेज चौक के एक अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। भारती नामक महिला ने मोना को मुंदड़ा दम्पती से मिलवाया। दोनों ने बताया कि हम सरोगेसी सेंटर चलाते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। बच्चे के पालन पोषण में दिक्कत होगी। बच्चा हमें देने पर 50 हजार रुपए मिलेंगे। मोना उनकी बातों में आ गई। 15 दिन पहले मोना को एक बेटी हुई। 12 दिन की दुधमुंही बच्ची को मोना ने मुंदड़ा दम्पती के हवाले कर दिया। धंतोली के एक एटीएम से दोनों ने 50 हजार रुपए निकालकर मोना को दिए। अपनी बच्ची को पैसे के लिए किसी और को बेचने की बात मोना को खाई जा रही थी। उसने मुंदड़ा दम्पती से संपर्क किया और बच्ची वापस मांगी। पैसे भी वापस करने के लिए तैयार हो गई। मुंदड़ा दम्पती ने बताया कि अब उसे बच्ची वापस नहीं मिल सकती। मोना ने मामले की शिकायत धंतोली पुलिस से की, पुलिस ने मामला दर्ज कर मुंदड़ा दम्पती को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को पुणे में बेचे जाने की जानकारी मिली है। वहां जाकर जांच करने, इस रैकेट में और कितने लोग शामिल है इसका पता लगाने और बच्ची को वापस लाने आदि मुद्दों पर पुलिस ने 12 दिसंबर तक पुलिस हिरासत मांगी। बचाव पक्ष के वकील मंगेश मून ने पुलिस हिरासत का विरोध किया। न्यायालय ने मनीष और हर्षा को 2 दिन की पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए। जांच में पता चला है कि बच्ची को पुणे की दम्पती को बेचने से पहले मुंदड़ा दम्पती ने उसकी सभी मेडिकल जांच करवाई थी। बच्ची को गोद देने से पहले किसी तरह की अधिकृत कागजी कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस को संदेश इस मामले में पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे बड़ा रैकेट काम कर रहा है। सरोगेसी के नाम पर ह्यूमन ट्राफिकिंग की जा रही है। जानकारी मिली है कि मुंदड़ा दम्पती शहर के कई नर्सिंग होम के सम्पर्क में थे। अस्पताल से ही उन्हें गरीब परिवार की जानकारी मिलती थी। अस्पताल में जाकर दोनों लोगों से संपर्क करते थे। आर्थिक परिस्थिति और बच्चे के अच्छे भविष्य की जानकारी देकर बच्चे बेचने का काम किया जा रहा था। जांच में और भी मामले सामने आने का अनुमान पुलिस लगा रही है। जल्द ही एक दल जांच के लिए पुणे रवाना होगा।

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