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स्मार्ट सिटी के काम की धीमी गति पर नाराजगी...जनता से विश्वासघात, जनादेश का अपमान शेखावत मंच ने कहा, मंत्री व महापौर नैतिक जिम्मेदारी ले

Rajasthan Patrika
07, Dec 2017, 08:00

उदयपुर . देश के पहले 20 स्मार्ट सिटी में उदयपुर का नाम आया लेकिन अभी तक स्मार्ट सिटी के कामों ने गति नहीं पकड़ी और उसका बजट खर्च नहीं करने को लेकर प्रमुख शासन सचिव डॉ. मंजीत सिंह के बुधवार को नाराजगी जताने पर भैरोंसिंह शेखावत जागृति मंच के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। मंच की बैठक भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष मांगीलाल जोशी के निवास पर हुई। बैठक में शेखावत मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभाध्यक्ष शांतिलाल चपलोत ने कहा कि जनता के साथ इतना बड़ा विश्वासघात हो रहा है, जनादेश का अपमान है, इसके लिए जिम्मेदार लोगों को आगे आकर जनता से माफी मांगनी चाहिए। चपलोत ने कहा कि हम छह महीने से गला फाडक़र चिल्लाते हुए टूटी सडक़ें, पानी-बिजली की समस्याएं, यातायात जाम, स्मारकों का रखरखाव, चौराहों को सुधारों जैसे मुद्दों पर जनता को राहत देने की कहते आए। चपलोत ने तंज कसते हुए कहा कि हमारे सुने कब, जब उद्घाटन और फीते काटने से फुर्सत मिले। MORE : उदयपुर पहुंचे अंतरराष्ट्रीय रेसलर दी ग्रेट खली ने अपने कॅरियर से जुड़े बताएं कई राज मंच के मुख्य समन्वयक मांगीलाल जोशी ने सवाल उठाया कि इतनी जग हंसाई के बाद भी मंत्री, विधायक व महापौर पद पर कैसे है, उनको नैतिक जिम्मेदारी लेकर पद छोड़ देना चाहिए। मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोशनलाल जैन ने कहा कि 21 महीनों तक तो इनको काम शुरू करने में परेशानी हुई और अब छत्तीस महीनों में सवा बारह सौ करोड़ रुपए खर्च कर देंगे, यह बात गले नहीं उतरती है। मंच के संगठन महामंत्री किरणचन्द्र लसोड़ ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी कनिष्ठ अधिकारियों पर बरस कर इसकी लीपापोती न करें बल्कि उदयपुर शहर को स्मार्ट सिटी न बनने देने के लिए जिम्मेदार लोगों के पर्दे के पीछे से चल रहे खेल को बेनकाब करें। भाजयुमो नेता इंदर मेनारिया, ओबीसी प्रकोष्ठ प्रभारी प्रभु माली, अनिल अजमेरा, युवा शाखा के मोहन मेनारिया, मंत्री विक्रम मेनारिया, मीडिया प्रभारी ललित मेनारिया आदि ने भी विचार व्यक्त किए। जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता से मिले कर्मचारीउदयपुर. जलदाय मंत्रालयिक कर्मचारी परिषद के सदस्यों ने गुरुवार को विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता से मुलाकात की। कर्मचारियों ने मंत्रालयिक कर्मचारियों का शोषण होना बताकर, सामाने आ रही समस्याओं समय पर समाधान नहीं होने पर रोष जताया।राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ (बीएमएस) के जिलाध्यक्ष अरविन्दसिंह राव के नेतृत्व में मंत्रालयिक कर्मचारी अतिरिक्त मुख्य अभियंता ललित करोल से मिले। जलदाय मंत्रालयिक कर्मचारी परिषद के मांग पत्र पर एक साल के बाद भी कार्रवाई नहीं होने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को हो रही परेशानियों को लेकर चर्चा की। अन्य प्रकरणों की समय सीमा, वेतन पर्ची संबंधी मांग के साथ ही कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। तीन साल से एक ही सीट पर जमे कर्मचारियों की जिम्मेदारी बदलने की मांग की। अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने दस दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद हुई संगठन की बैठक में जिलाध्यक्ष, प्रदेश मंत्री लज्जाशंकर नागदा, महिला मंत्री कौशल्या, मंत्रालयिक परिषद अध्यक्ष आदित्य पाण्डे, सुरेन्द्र बडग़ुर्जर, प्रवक्ता संतोष भटनागर, गजेन्द्रसिंह चौहान मौजूद थे।

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