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कालेजों में रहा जश्न का रहा महौल, फीस वृद्धि का निर्णय वापस

Rajasthan Patrika
08, Dec 2017, 02:00

श्रीगंगानगर. छात्र-छात्रों के आंदोलन के बाद महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय ने फीस वृद्धि का निर्णय वापस लेते हुए बढ़ी हुई परीक्षा शुल्क सौ रुपए तक लेने की घोषणा कर दी है इसके बाद गुरुवार को डॉ.बीआर अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में छात्र-संघ कार्यालय के समक्ष छात्रों ने छात्रों की जीत बताकर जश्न का कार्यक्रम किया। वहां पर छात्र-छात्रों ने संयुक्त रूप से खुशी का इजहार करते हुए एक-दूसरे छात्र-छात्रा को मिठाई खिलाकर विद्यार्थी की एकता और संघर्ष की जीत बनाई है। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय ने 300 से 1 रुपए तक परीक्षा शुल्क बढ़ा दिया लेकिन अब हुए समझौता के अनुसार बढ़ी फीस 100 रुपए ही वसूल की जाएगी। इस मौका पर डॉ.बीआर अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष अंबर जयपाल,विधि महाविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष अजय गोदारा,जैन कॉलेज की छात्र संघ अध्यक्ष रेणू वर्मा,चौधरी बल्लूराम गोदारा कॉलेज की छात्रा नेता नौसिन खान, एसडी पीजी कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष हर्षदीप सिंह, बीआर अंबेडकर कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अशोक कलवानियां,भरत खौत,छात्र नेता बंटी वाल्मीकि,सोमेश्वर,मोहित शर्मा,दीपक चूनावढ़,कार्तिक तिवाड़ी सहित कई छात्र नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी ने मिलकर छात्र हितों के लिए संघर्ष किया। इसी की बदौलत छात्रों की जीत हुई है और मजबूरी में विश्वविद्यालय ने दो से तीन गुणा बढ़ी हुई फीस वृद्धि के निर्णय को वापस लिया है। कॉलेज के प्राचार्य रामसिंह राजावत ने कहा कि छात्रों की एकता की जीत है। इस मौका पर इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले छात्र-नेताओं को माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। छात्र संघ अध्यक्ष अंबर जयपाल ने सभी छात्रों का आभार वक्त किया। ढोल के थाप पर किया नृत्य--चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्र संघ अध्यक्ष संतोष भाटी के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में फीस वृद्धि वापस लेने पर जमकर खुशी मनाई। छात्रा अलका, मोनिका, शिलू सहित बड़ी संख्या में छात्राएं कॉलेज में रंग-गुलाल खेलकर,मिठाई बांटकर और ढोल पर नृत्य कर जश्न मनाया गया। कॉलेज में दो-तीन घंटे तक जीत का जश्न चलता रहा। कॉलेज की छात्रा संघ अध्यक्ष भाटी ने कहा कि छात्रों ने फीस वृद्धि का निर्णय के खिलाफ सभी लड़कियों ने मिलकर संघर्ष किया और आखिर संघर्ष की जीत हुई है। छात्र हित में हुआ निर्णय--सरकारी व विभिन्न निजी कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्षकों से बात की गई तो सभी की एक ही राय थी कि सौ रुपए बढ़ी हुई फीस छात्र-छात्राएं शुल्क वहन किया जा सकता है लेकिन दो से तीन गुणा फीस वहन करना गरीब विद्यार्थियों के लिए संभव नहीं था। इस निर्णय का सभी छात्र नेताओं ने सही कदम बताया है।

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