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फंड नहीं मिलने से दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र में लटका ताला

Rajasthan Patrika
12, Aug 2017, 07:30

बालोदगुंडरदेही. विकासखंड मुख्यालय से लगभग तीन किमी दूरी पर स्थित ग्राम कचांदुर में संचालित दिव्यांग आवासीय प्राशिक्षण केंद्र में डेढ़ माह बाद भी पढ़ाई-लिखाई शुरू नहीं हो पाई है। दो साल से शासन द्वारा फंड नहीं देने के कारण केंद्र में ताला लटका हुआ है, इससे जिले के 22 दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई अधर में है। सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारी पीसी मरकले ने बताया कि कलक्टर के माध्यम से नए सिरे से कचांदुर केंद्र के लिए फंड व्यवस्था करने 15 हजार प्रति छात्र के हिसाब से प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उच्च अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जल्द फंड मिल जाएगा। जबकि दो साल पहले प्रति छात्र के लिए सालाना 20 हजार रुपए खर्च राशि दिया जाता था। 20 बच्चों पर यह राशि 20 हजार के हिसाब से सालाना चार लाख रुपए जारी किया जा रहा था, जो पिछले दो साल से नहीं आया है।शाला प्रबंधन समिति पर राशन का ढाई रुपए उधारी शिक्षक अरविंद शर्मा ने कहा कि कलक्टर डॉक्टर सारांश मित्तर को समस्याओं से अवगत कराया था, लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं होने से निराश है। यदि शासन-प्रशासन कोई निर्णय नहीं लेता तो हमें आगे और परेशानी होगी। शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष संतोष चंद्राकर ने कहा समिति के नाम से राशन का ढाई लाख रुपया उधारी है। दो साल का फंड नहीं आया। बिना ब्रेल पुस्तक के कैसे पढ़ेशिक्षा विभाग के अफसर बच्चों को कह रहे हैं कि वह अपने गांव के स्कूल में पढऩे के लिए जाएं। लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी समस्या संसाधन की है। सामान्य स्कूलों में ब्रेल की पुस्तक नहीं है, न ही वहां कोई मशीन है, जिससे श्रवण बाधित सुन सके। ऐसे दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने शिक्षक भी उन स्कूलों में नहीं है। ऐसे में बच्चे अपने घरों में ही बैठे हैं। दिव्यांग बच्चे, पालक व शिक्षक नाराज अब तक केंद्र को चालू करने के लिए किसी तरह की पहल नहीं किए जाने के कारण इस संस्था में पढऩे वाले 22 दिव्यांग बच्चे व उनके बालकों के साथ जनभागीदारी समिति के जरिए पढ़ाने वाले शिक्षक भी नाराज हैं। तीन हफ्ते पहले दिव्यांग बच्चों ने जनदर्शन में पहुंचकर कलक्टर को अपनी पीड़ा से अवगत कराया था। उन्होंने भी पहल का आश्वासन दिया था। बंद नहीं किया जाएगा केंद्रवहीं कलक्टर ने कहा है कि किसी भी हाल में यह प्रशिक्षण केंद्र को बंद नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासान व शिक्षा विभाग भी इस केंद्र को पुन: संचालित करने जोर दे रहा है इसलिए अब इस दिव्यांग आवासीय प्राशिक्षण केंद्र को बचाने के लिए कलक्टर के लेटर पेड से शिक्षा विभाग शासन को पत्र भेजेगा। बताया जाता है कि ऐसा पत्र विशेष परिस्थिति में ही भेजा जाता है।

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