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मैसूरु रवाना हुआ छह दशहरा हाथियों का पहला जत्था

Rajasthan Patrika
13, Aug 2017, 12:00

मैसूरु. विश्व प्रसिद्ध मैसूरु दशहरा महोत्सव की उल्टी गिनती शनिवार को वन क्षेत्र से छह दशहरा हाथियों के पहले दल की रवानगी के साथ शुरु हो गया। इस साल शारदीय नवरात्रि के साथ महोत्सव का आयोजन २१ से ३० सितम्बर तक होगा। ३० सितम्बर को विजयदशमी के मौके पर मैसूरु महल परिसर से बन्नी मंडप तक निकलने वाली शोभा यात्रा में हाथियों का दल भाग लेता है। पहले दल में शोभा यात्रा में ७५० किलो वजनी ऐतिहासिक स्वर्ण सिंहासन को लेकर चलने वाला मुख्य गजराज अर्जुन भी शामिल है। जिले के हुणसूर तालुक में नागरहोळे वन क्षेत्र के बाहर वीरण्णा होसाहल्ली गेट के पास आदिवासी आवासीय स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री एच सी महादेवप्पा ने हाथियों पर पुष्पवर्षा कर उनकी महल की ओर रवानगी को हरी झंडी दिखाई। समारोह के बाद हाथियों ने कुछ दूर तक पैदल सफर किया और बाद में उन्हें ट्रकों से मैसूरु लाया जाएगा। हाथियों को समारोहपूर्वक महोत्सव के लिए महल रवाना करने की पुरानी परंपरा १५ साल पहले ही पुनर्जीवित की गई थी। मैसूरु महल परिसर में १७ अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में हाथियों का परंपरागत अंदाज में स्वागत होगा। इस साल दशहरा महोत्सव में १२ के बजाय १५ हाथी भाग लेंगे। पहली बार सैलानी भी बने साक्षीपहली बार हाथियों के रवानगी के कार्यक्रम को काफी व्यापक पैमाने पर आयोजित किया गया। पहली बार इस समारोह को देखने के लिए पर्यटकों को भी लाया गया था। अधिकारियों के मुताबिक करीब ५ हजार लोग शनिवार को कार्यक्रम देखने पहुंचे। पूर्णकुम्भ के साथ मंत्रोच्चार के बीच हाथियों को पूरी सांस्कृतिक परंपराओं के मुताबिक मैसूरु के लिए रवाना किया गया। इस दौरान वाद्ययंत्र कलाकार परंपरागत संगीत की धुन बजा रहे थे। हाथियों की सुरक्षा और सामूहिक कल्याण के लिए गणेश अस्त्रोतम के जाप के साथ हाथियों को गुड़, नारियल और गन्ना भी दिया गया। आदिवासी और लोक कलाकारों के दल ने परंपरागत नृत्यों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया। हाथियों के पहले दल में अर्जुन के अलावा बलराम, अभिमन्यु, कावेरी, वरलक्ष्मी और विजया शामिल है। भीमा और गजेंद्र को क्रमश: मतिगोडी और के. गुडी शिविर से लाया जाएगा। ये दोनों हाथी बाकी ७ हाथियों के समूह के साथ बाद में मैसूरु महल पहुंचेंगे। ३० सितम्बर को महोत्सव की समाप्ति तक हाथियों का दल महल परिसर में ही रहेगा, जहां उनकी पूरे शाही अंदाज में देखभाल की जाएगी। संयोगवश इस साल हाथियों रवानगी का कार्यक्रम भी हाथी दिवस के दिन ही आयोजित हुआ। वेबसाइट लांच, सीडी का लोकार्पणबाद में महादेवप्पा ने महोत्सव की वेबसाइट और हाथियों पर बनाई गई लघु फिल्म की सीडी का भी लोकार्पण किया। ४५ मिनट का यह वृत्त चित्र हाथियों के संरक्षण पर केंद्रित है। बाद में पत्रकारों से बातचीत में महादेवप्पा ने कहा कि २१ सितम्बर को चामुंडी पहाड़ी पर महोत्सव का उद्घाटन करने वाले मुख्य अतिथि का नाम एक-दो दिनों में मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद तय किया जाएगा।

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