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शाह की चेतावनी, बगावत बर्दाश्त नहीं

Rajasthan Patrika
13, Aug 2017, 12:00

बेंगलूरु. राज्य में सत्ता में वापसी के लिए आतंरिक कलह और गुटबाजी से जूझ रही पार्टी को एकजुट करने की कवायद में जुटे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को नेताओं को दो टूक चेतावनी दी कि किसी तरह की अनुशासनहीनता या बगावत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य अगली बार राज्य में सरकार बनाना है और इसके लिए एकजुटता से काम करना पड़ेगा। शाह ने प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येड्डियूरप्पा के नेतृत्व में ही चुनाव में उतरने की बात दुहरा कर उनकी कार्यशैली का विरोध करने वाले नेताओं को चेतावनी भी दी। पार्टी नेताओं का एक बड़ा खेमा येड्डियूरप्पा की कार्यशैली से नाराज रहा है और विधान परिषद में विपक्ष के नेता के. एस. ईश्वरप्पा कई मसलों पर सार्वजनिक तौर पर भी मतभेद जता ुचुके हैं। हालांकि, पार्टी आलाकमान ने दोनों पक्षों को सार्वजनिक बयानबाजी बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों के कुछ नेताओं पर अनुशासन का डंडा भी चलाया लेकिन अब भी येड्डियूरप्पा और ईश्वरप्पा के बीच मतभेद खत्म नहीं हुआ है। प्रदेश पार्टी मुख्यालय जगन्नाथ भवन में भव्य स्वागत में भाग लेने के बाद कहा कि पार्टी के प्रत्येक व्यक्ति को येड्डियूरप्पा के नेतृत्व एकजुटता से काम करना होगा, जिनको हमने अगले मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया है। यह कहकर उन्होंने इस बात की घोषणा कर दी कि पार्टी राज्य में किसी दूसरे सत्ता के केन्द्र को उभरने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी विद्रोही गतिविधियों में लिप्त रहने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से भी नहीं हिचकिचाएगी। शाह ने कहा कि पार्टी में एकजुटता बहुत ही जरुरी है क्योंकि अब राज्य को कांग्रेस मुक्त कर्नाटक बनाने का वक्त आ गया है। राज्य में कांग्रेस को सत्ता में बहाल रहने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि कांग्रेस के शासनकाल में राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर रहा है। पार्टी को निचले स्तर पर मजबूत बनाने का तत्काल जरुरत है और इसके लिए एकजुटता ही एक मात्र सिद्धांत है, जिसका कार्यकर्ता से लेकर नेता तक सभी को पालन करना होगा। राज्य की जनता ने पिछले चार सालों से राज्य में शासन कर रही कांग्रेस सरकार को सत्ता से उखाडऩे का निर्णय किया है। इस माहौल का सदुपयोग करके पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को मन, वचन व कर्म से जुट जाना होगा। पार्टी को सत्ता में लाने के काम में अभी से जुट जाना होगा और मोदी सरकार की उपलब्धियों को जन- जन तक पहुंचाने का काम करना होगा। शाह ने कहा कि मेरा मिशन कर्नाटक को कांग्रेस के शासन से मुक्त करना है। इसके बाद अमित शाह ने भाजपा कोर समिति की बैठक में भाग लिया और प्रदेश के प्रमुख नेताओं के बीच उत्पन्न मतभेदों को दूर करने के संबंध में चर्चा की और नेताओं के आपसी गिले शिकवे दूर करने का प्रयास किया। जब बंद हुई प्रताप सिम्हा की बोलतीअमित शाह ने भाजपा प्रदेश युवा मोर्चा की निष्क्रियता के लिए मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष और मैसुरु के सांसद प्रताप सिम्हा को जमकर फटकार लगाई। सूत्रों के अनुसार अमित शाह ने उनसे कड़े शब्दों में पूछा कि युवा मोर्चा को सबसे सक्रिय होना चाहिए लेकिन राज्य में मोर्चा एकदम निष्क्रिय कैसे है? पार्टी के बड़बोले सांसदों में से एक प्रताप सिम्हा राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस अचानक सवाल से एकदम स्तब्ध रह गए और उनसे कोई जवाब देते नहीं बना। सिम्हा की इस तरह हुई किरकिरी के कारण पार्टी में कई तरह की चटकारेदार बातें चल रही हैं।

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