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BREKING : सिम्स डीन सस्पेंड, अपने पसंदीदा को कर रखा था भर्ती, सरकार ने माना मनमानी, देखें वीडियो

Rajasthan Patrika
13, Aug 2017, 03:00

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डीन विष्णु दत्त को आज सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर बिना अनुमति के संविदा नियुक्ति में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं करना तथा छात्रों से पैसे लेकर गलत तरीके से एडमिशन दिलाने की शिकायत मिली है। इस खबर को पत्रिका ने प्रमुख रुप से प्रकाशित की थी। जानकारी कि अनुसार छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डीन डॉ. विष्णु दत्त पर संविदा नियुक्ति में आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। इनके खिलाफ कई गंभीर शिकायतें भी मिल रही थी। साथ ही वे बिना अनुमति एवं सूचना के अपने मुख्यालय से बाहर रहते थे। वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी सही ढंग से नहीं कर रहे थे। अपने पद का गलत उपयोग करते हुए वे नियम के विपरित नियुक्तियां कर रहे थे। डॉ. विष्णु दत्त इस निलंबन अवधि में जगदलपुर स्थित स्व. श्री बलीराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्याल में रहेंगे तथा उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।lt;iframe 480 270 frame allowfullscreengt;lt;iframegt;पत्रिका ने प्रकाशित की थी खबर : डीन द्वारा किए जा रहे मनमानी की खबर पत्रिका द्वारा २९ जुलाई २०१७ का प्रकाशित की गई थी। जिसमें डीन नियमों कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए छात्र को एडमिशन दे दिया था। जिसकी शिकायत सचिवालय पहुंची थी और डीन का फटकार भी लगाई गई थी। पैसे लेकर छात्र को दिलाया था एडिशन सिम्स में पिछले दिनों पीएमटी परीक्षा के तहत जिन विद्यार्थियों को सिम्स में प्रवेश मिला था उनके एडमिशन की प्रक्रिया चल रही थी। राज्य कोटे के सीट के लिए लगातार काउंसलिंग की जा रही थी। इस काउंसलिंग के लिए छात्र को छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी होना अनिवार्य था। डीन द्वारा 22 जुलाई को हुई काउंसलिंग में कोरबा से आए अनिकेत नाम के छात्र ने भी काउंसलिंग में भाग लिया था। अनिकेत के पास छत्तीसगढ़ राज्य का डोमिसाइल प्रमाण पत्र नहीं होने से वह काउंसलिंग के लिए पात्र नहीं था, लेकिन फिर भी उसे काउंसलिंग में शामिल कर एडमिशन दिया गया और चार दिन बाद २६ जुलाई को उससे डोमिसाइल जमा कराया गया।इस एडमिशन में काफी मोटी रकम लिए जाने की बात कही जा रही थी और जब यह पूरी रकम डीन अकेले ही लेने लगे तो उनके अपने ही लोगों ने मामले की शिकायत मंत्रालय तक कर दी। बताया जा रहा है कि इस एडमिशन के लिए डॉ. विष्णु दत्त ने लगभग 25 लाख रुपए लिए थे। सचिवालय से लगाई फटकारगलत एडमिशन की शिकायत जैसे ही स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंची, सचिव ने डीन डॉ. विष्णु दत्त से इस बारे में जानकारी मांगी। इस पर डीन ने सचिव को बताया कि छात्र ने जो डोमिसाइल जमा किया वह एडमिशन के बाद का बना था यह कमेटी के सदस्य नहीं देख पाए थे। इसकी जानकारी मिलते ही वह काउंसलिंग को रद्द करने की प्रक्रिया कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर छात्र ने 22 जुलाई की काउंसलिंग में 26 जुलाई का डोमिसाइल सर्टिफिकेट जमा कैसे किया। पहले भी हुआ ऐसा मामलासिम्स में गलत एडमिशन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यहां पूर्व डीन ने अपने बेटे को गलत तरीके से एडमिशन देने की कोशिश की थी। बाद में उन्हें यह एडमिशन रद्द करना पड़ा था।

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